किसानों को खदेड़ने को पुलिस ने किया लाठीचार्ज

loktantranews: पिपली में भाकियू की किसान बचाओ मंडी बचाओ रैली पर रोक लगाने के बावजूद बड़ी संख्या में किसान, व्यापारी और मजदूर पहुंचे तो यहां खूब हंगामा मचा। केंद्र सरकार द्वारा जारी कृषि के तीन अध्यादेश के खिलाफ प्रदेशभर से किसानों ने पिपली पहुंचकर प्रदर्शन किया। किसान नेताओं ने रैली के लिए पहले ही अल्टीमेटम दिया था।

इसे देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही जिले में आने वाले सभी रास्तों को सील कर दिया लेकिन फिर भी प्रदेशभर से कई हजार किसान पिपली पहुंच गए। इस दौरान रैली को समर्थन देने पहुंचे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा, लाडवा के कांग्रेसी विधायक मेवा सिंह, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन जलेश शर्मा, व संगठन मंत्री सुभाष पाली सहित किसान नेताओं को पुलिस हिरासत में ले लिया।वहीं किसानों को खदेड़ने को पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। जिससे कई किसान जख्मी हो गए। लाठीचार्ज के विरोधस्वरुप किसानों ने भी जवाब में पुलिस पर पथराव किया, जिससे कुछ पुलिसकर्मी चोटिल हुए और मौके पर खड़ी फायर बिग्रेड की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गईं। लाठीचार्ज होने के बाद भी किसान रैली करने की जिद पर अड़े रहे और राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर जाम लगा दिया।करीब एक घंटा लगे जाम से राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। जिसकी सूचना मिलते ही डीसी शरणदीप कौर, एसपी आस्था मोदी व एसडीएम अखिल मौके पर पहुंचे। किसानों को यहां समझाने की कोशिश की गई लेकिन वे अपनी जिद पद अड़े रहे। आखिरकार प्रशासन को किसानों के आगे झुकना पड़ा और रैली करने की इजाजत दी।जाम के बाद दोपहर करीब दो बजे किसानों ने पिपली अनाज मंडी में पहुंच रैली शुरु की। मंडी में किसानों को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि सरकार ने अन्दाता पर लाठीचार्ज कर गलत किया है। अब हम सरकार को चार दिन का समय देते है। चार दिन में सरकार तीनों अध्यादेशों को वापस लेने की बात मान लें, अगर सरकार उनकी बात नहीं मानती है तो प्रदेशभर के किसान 15 सितंबर तक जिलास्तर पर धरना शुरु करेंगे।
जीटी जाम खुलवाने पहुंचे पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, मगर वे तभी हटे जब बातचीत में रैली करने की अनुमति मिली। इसके बाद पिपली मंडी के गेट खोले गए और  रैली में हजारों किसान, व्यापारी और मजदूर शामिल हुए।

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