मेट्रो में आप ठगों के टारगेट पर हैं

loktantranews: सोशल डिस्टेंसिंग के नियम के कारण मेट्रो में इन दिनों कम भीड़ होने से बदमाशों ने अपने क्राइम करने का तरीका बदल दिया है। मेट्रो पुलिस द्वारा मेट्रो के अंदर और स्टेशनों के अंदर और बाहर होने वाले क्राइम पैटर्न पर स्टडी से यह बात सामने आई है। पता चला है कि अब मेट्रो में बदमाश चोरी और जेबतराशी की वारदातों से कहीं अधिक ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।यही कारण है कि मेट्रो में सफर करते हुए अगर कोई शख्स आपको सस्ते में मोबाइल फोन बेचने का लालच देता है, किसी तरह के कैश ट्रांजेक्शन करने की बात कहता है, ऑनलाइन पैसा ट्रांसफर कराने के बदले आपको एक-दो हजार रुपये अधिक नकद भुगतान करने की बात कहता है तो होशियार रहें। साथ ही, आपसे मेट्रो का कार्ड खरीदवाने के बदले अधिक रुपए देने की बात कहता है, मां की तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए आपसे ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कराने के बदले अधिक नकद रुपये देने की बात कहता है या फिर इसी तरह से किसी भी रूप में आपको फायदे का लालच देने की बात कहता है तो समझ लीजिए कि आप ठगों के टारगेट पर हैं। इससे बचने का केवल एक ही तरीका है कि लालच में ना फंसते हुए ऐसे लोगों की बातों को नजरअंदाज कर दें।

यलो और रेड लाइन पर ज्यादा ठगी
मेट्रो पुलिस ने इस साल अब तक मेट्रो और स्टेशनों पर चोरी, जेबतराशी और ठगी की वारदातों को अंजाम देने वाले 190 मुलजिम पकड़े हैं। इनमें महिलाएं भी शामिल हैं। मेट्रो में सबसे अधिक वारदातें यलो और रेड लाइन पर हो रही हैं। इसका बड़ा कारण यही है कि इन दोनों लाइनों पर यात्रियों का लोड अधिक है। साथ ही, तमाम इंटरचेंज स्टेशनों पर भी ठग और चोर सक्रिय हैं। ठग भी मेट्रो में स्मार्ट कार्ड लेकर चलते हैं। मेट्रो में सफर करते हुए एक और बात का ख्याल रखिए। अगर आपके ऊपर कोई यात्री गिरता है, खासतौर से कोई महिला तो मुमकिन है कि आप किसी खतरे में पड़ रहे हों। हो सकता है कि वह महिला आपकी किसी चीज पर हाथ साफ कर दे। मेट्रो में बड़ी तादाद में महिला गिरोह भी वारदातें कर रही है।

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