लापरवाहीः हंगामे के बाद मिला लापता मरीज का शव

loktantranews: राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान जिम्स की मरीजों की सुरक्षा को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। परिजन द्वारा लापरवाही का आरोप लगाने के बाद यहां से छह दिन पहले गायब हुआ कोरोना संक्रमित मरीज का शव संस्थान के ही मोर्चरी में शुक्रवार रात मिल गया। उसकी तस्वीर भेज कर रात में ही पहचान कराई गई, इसके बाद शनिवार को परिजन को शव सौंप दिया गया। इससे पहले जिम्स ने मरीज को 24 अप्रैल को कागजों में डिस्चार्ज कर दिया था। मरीज का शव मोर्चरी में कैसे पहुंचा, मरीज का नाम पता व तीमारदार सब थे, इसके बाद भी उसे अज्ञात में दिखाकर एक सप्ताह को शव को छिपाकर रखा गया। इस तरह के कई और सवाल जिम्स प्रशासन को लेकर उठने लगे हैं।

बता दें कि जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों के ईलाज के लिए जिला प्रशासन ने जिम्स को कोविड अस्पताल घोषित कर रखा है। उत्तराखंड के चंपावत जिले के वनतौली गांव का रहने वाले महेश सिंह(47) को कोविड के नोडल अधिकारी नरेंद्र भूषण के सिफारिश पर 20 अप्रैल को भर्ती किया गया था। चार दिन बाद ही 24 अप्रैल को उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। इसकी सूचना तीमारदार को नहीं दी गई। तीमारदार जिम्स से मरीज के बारे में पूछते रहे, जिम्स डिस्चार्ज का नाम लेकर गोलमोल जवाब देता रहा। धैर्य का बांध टूट जाने पर तीमारदार ने जब हंगामा करना शुरू किया तो मोर्चरी में रखे दो शव की पहचान 30 अप्रैल की रात कराई गई। इसमें एक शव की पहचान महेश के रुप में हो गई।

इधर, महेश के शव की पहचान होने के बाद जिम्स के निदेशक बिग्रेडियर डॉक्टर राकेश गुप्ता का कहना है कि 24 अप्रैल को महेश को डिस्चार्ज कर दिया गया था। इसी दिन तीन अज्ञात व्यक्ति को बेहोशी की हालत में आईसीयू में शिफ्ट किया गया था। इसमें एक महेश भी शामिल ‌था। अब सवाल उठता है कि महेश अगर बेहोशी की हालत में मिला, वह इतना बीमार था तो अस्पताल से उसे डिस्चार्ज कैसे कर दिया गया। डिस्चार्ज किया तो तीमारदार को सूचना क्यों नहीं दी। दोबारा भर्ती के बाद भी उसके बारे में कोई छानबीन नहीं की। इन सवालों के बारे में पूछने पर निदेशक ने फोन काट दिया। इधर महेश के परिजन व रेस्तरां संचालक अमित शनिवार को अंतिम संस्कार करने के बाद बताया कि इस मामले में पुलिस के आलाधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की जाएगी।

दस दिन से पहचान के इंतजार में है एक और शव

इसके अलावा जिम्स की मोर्चरी में पिछले दस दिन से एक शव रखा हुआ है। इस शव के संबंध में भी कोई ठोस जानकारी नहीं है। यह भी नहीं पता चल पाया है कि यह शव किसका और उसे कब और किसने भर्ती कराया था। इस संबंध में जिम्स के अधिकारियों का कहना है कि अंजान व्यक्ति को यहां भर्ती कराया गया था। जिसकी मौत हो गई। पहचान के लिए शव मोर्चरी में रखा गया है।

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