दिल्ली से लौटते हुए सीएम नी‌तीश कुमार ने सुनाया फरमान, अधिकारी हलकान

loktantranews: दिल्ली से आंख का इलाज कराकर लौटे सीएम नीतीश कुमार एक बार फिर एक्शन के मूड में नजर आए हैं। सीएम नीतीश ने अफसरों को निर्देश दिया है कि जल्द से जल्द संपत्ति का ब्योरा उपलब्ध कराएं नहीं तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें। बिहार सरकार ऐसे लोगों की सूची भी बना रही है जिन्होंने अब तक सरकार को संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया है। ऐसे लोगों के खिलाफ शिकंजा कसने की रणनीति बनाई जा रही है। सरकार से अपनी संपत्ति छुपाने वाले सरकारी सेवकों पर अनुशासनिक कार्रवाई के साथ ही आपराधिक केस भी दर्ज किया जाएगा। इसको लेकर सख्त आदेश मुख्य सचिव त्रिपुरारि शरण ने बुधवार को जारी किया। उन्होंने सभी विभागों के प्रधान सचिव, डीजीपी, प्रमंडलीय आयुक्त और जिलाधिकारियों को पत्र लिखा है, जिसमें कहा है कि सरकारी सेवकों द्वारा चल-अचल संपत्ति का ब्योरा तथा खरीद-बिक्री की जानकारी दिये जाने का प्रावधान सरकार द्वारा किया गया है। 

इस संबंध में 25 मार्च, 2021 को सामान्य प्रशासन के द्वारा मार्गदर्शन भी निर्गत किया गया है। इसके बाद भी ऐसे मामले देखे जा रहे हैं कि सरकार द्वारा निर्धारित उक्त नियमों का दृढ़ता से पालन कई स्तरों पर नहीं किया जा रहा है। इसका पालन आप सभी सुनिश्चित कराएं। कहा कि हर साल सभी सरकारी पदाधिकारियों और कर्मचारियों को दिसंबर के बाद फरवरी तक अपनी संपत्तियों और दायित्वों की जानकारी सरकार को देनी है। अगर, किसी को विरासत में संपत्ति मिली है तो इसकी भी पूरी जानकारी सरकार को देनी है।

सरकार द्वारा तय किये गये प्लेटफॉर्म पर संपत्ति का पूरा ब्योरा देना है। फरवरी का वेतन संपत्ति का ब्योरा देने के बाद ही भुगतान करने का प्रावधान है। साथ ही कोई अचल संपत्ति जैसे जमीन, फ्लैट, मकान के अलावा गाड़ी खरीदते हैं तो एक माह के अंदर सरकार को सूचना देना अनिवार्य है। चाहे वह अपने नाम से तथा परिवार के किसी अन्य सदस्य के नाम से ही खरीद रहे हों। अगर कोई सरकारी सेवक अपने दो माह के वेतन से अधिक राशि के बराबर लेन-देन करते हैं तो इसकी जानकारी भी उन्हें एक माह में देनी है। बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 में इसका स्पष्ट उल्लेख किया गया है। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *