जिम्स ने डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ को दिखाया बाहर का रास्ता

loktantranews: अभी तक कोविड मरीजों के इलाज को लेकर प्रदेश भर में अव्वल रहने वाला राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) अब अंदरुनी कलह का शिकार होने लगा है। संस्थान द्वारा एक सीनियर रेजीडेंट (डॉक्टर) समेत कुछ नर्सिंग स्टाफ को अचानक बाहर का रास्ता दिखाने के बाद कलह और बढ़ने के आसार दिखने लगे हैं। डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ ने आरोप लगाया है कि निदेशक गुर्जर बिरादरी को टारगेट कर नौकरी से बाहर निकाल रहे हैं। ग्रेटर नोएडा के कासना स्थित जिम्स अस्पताल के मेडिसीन विभाग में तैनात वरिष्ठ डॉक्टर तुषार बिधुड़ी ने कोरोना संक्रमण के दूसरी लहर में घर-परिवार को एक तरफ रख कर मरीजों का इलाज कर अपना फर्ज निभाया। उन्होंने संक्रमण काल के दौरान आईसीयू की पूरी जिम्मेदारी भी संभाली। इस बात से संस्थान के निदेशक डॉक्टर ब्रिगेडियर राकेश गुप्ता काफी प्रभावित हुए थे। कुछ समय पहले पारिवारिक कारणों से डॉक्टर तुषार बिधुड़ी ने 11 मई को इस्तीफा दे दिया था, जिसे नकार दिया था व डयूटी के लिए कहा था। इसके बाद डॉक्टर पारिवारिक परेशानी को हल करने के साथ डयूटी लगातार करते रहे। 9 जून को उन्हें सितंबर तक का एक्सटेंशन लेटर भी मिल गया। अब वह यहां बने रहना चाहते हैं तो संस्थान ने 10 जुलाई को मई में दिया गया उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया व तीन दिन के शार्ट नोटिस पर बाहर का रास्ता दिखा दिया। बात यहीं खत्म नहीं हुई। उनके साथ सचिन कुमार नाम के एक नर्सिंग स्टाफ को बाहर का रास्ता दिखा दिया, जबकि 11 नर्सिंग स्टाफ को पात्रता परीक्षा देनी होगी। नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि उन्होंने भर्ती के समय में परीक्षा व साक्षात्कार दिया था, अब सिर्फ 11 लोगों को टारगेट कर बाहर निकालने का बहाना ढूढ़ा जा रहा है। ‌जिससे संस्थान में अंदरूनी कलह के आसार दिखने लगे हैं।

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