जानिये कितने साल बाद मिली डेरी समिट की देश को मेजबानी

 उत्तर प्रदेश के जिले नोएडा में सोमवार 12 सितंबर को 48 साल बाद भारत वर्ल्ड डेयरी समिट की मेजबानी करने जा रहा है। शहर में होने वाले इस कार्यक्रम में देश-विदेश के एक्सपर्ट और व्यवसायी जुटेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद दुनिया के लोगों से दूध पर बात करेंगे और दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में भारत की भूमिका और उसके महत्व को रखेंगे। इस आयोजन को भव्य बनाने के लिए राज्य सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पीएम मोदी के स्वागत के लिए रविवार को ग्रेटर नोएडा पहुंच गए हैं। रविवार को सुरक्षा व्यवस्था और पीएम के कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया और वह दो दिन तक वह वहीं रहेंगे।
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1974 में मिला था देश को पहला मौका।

साल 1974 में भारत को पहला अंतरराष्ट्रीय डेयरी कांग्रेस की मेजबानी का अवसर मिला था। देश को दोबारा मौका इतने सालों बाद मिला है इसलिए दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में वैश्विक ब्रांडिंग पर फोकस कर रहा है, ताकि दुनिया के बाजार में देश के उत्पादों की धाक जमें और निवेश के लिए कंपनियां भी आकर्षित हो। यह कार्यक्रम शहर में 12 से 15 सितंबर तक होगा और करीब 50 देशों के लगभग 1500 प्रतिभागियों ने नामांकन किया है। जिसमें से संयुक्त राज्य अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, न्यूजीलैंड, कनाडा और बेल्जियम से बड़ी संख्या में पंजीकरण हुए हैं। यह समिट पोषण और आजीविका के लिए डेयरी विषय पर केंद्रित है।____________________

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री क प्रस्तावित प्रोग्राम को देखते हुए पुलिस व प्रशासन ने उनका अभेद सुरक्षा कवच तैयार किया है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर रहेगी और निगहबानी भी ऐसी कि एक साथ जमीन और हवा में सुरक्षा की पैनी निगाह रहेगी। प्रोग्राम स्थल पर बने मंच को अतिथियों से कुछ दूरी पर रखा गया है। इसे कई कैटिगरी में बांटा गया है ताकि कोई अव्यवस्था न फैले और सुरक्षा की लिहाज से भी कोई चूक न होने पाए। सुरक्षा के लिए कई लेयर हैं जिससे वीआईपी समेत सभी को गुजरना होगा। चार स्तर की जांच के बाद ही कोई एक्स्पो सेंटर के अंदर प्रोग्राम तक पहुंच पाएगा। प्रोग्राम में कोई भी एसपीजी की नजर से हुए बिना नहीं जा सकेगा। डॉग स्क्वॉड की तीन टीमें भी सतर्क रहेंगी तो स्पेशल कमांडो की पैनी नजर हर गतिविधि पर रहेगी।
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चार स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था
प्रधानमंत्री की चार स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था में पहले स्तर पर एसपीजी के जवान मोर्चा संभालेंगे। दूसरे स्तर पर एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड) के कमांडो तैनात रहेंगे। तीसरे स्तर पर सेंट्रल पैरा मिलिट्री फोर्स के जवान होंगे। चौथे स्तर पर पुलिस के जवान सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे।

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ड्रोन उड़ाने पर रहेगा प्रतिबंध
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की सुरक्षा को देखते हुए सीआरपीसी के तहत धारा 144 लागू है। इसके चलते अब बिना इजाजत के प्रदर्शन की इजाजत नहीं है। निजी ड्रोन नहीं उड़ाए जा सकते। कोई अपने साथ हथियार भी नहीं ला सकता, सिवाए सुरक्षा बलों के। पीएम की सुरक्षा में कोई चूक न रह जाए, इसके लिए सादे वेश में भी सुरक्षाकर्मी लोगों के बीच मौजूद रहेंगे, लेकिन उन्हें पहचानना मुश्किल होगा। ये पुलिसकर्मी हथियार से लैस होंगे।

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एक्स्पो सेंटर की सुरक्षा के लिए 10 आईपीएस, 15 अडिशनल एसीपी, 19 सीओ व 3 हजार के करीब पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। बरेली, मुरादाबाद, गाजियाबाद, बुलंदशहर समेत कई अन्य जिलों से पुलिसकर्मी बुलाकर तैनात किए हैं

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