Loktantranews: केंद्र सरकार के निर्देश पर पंजाब में राज्यपाल के आधिकारिक निवास स्थान ‘राजभवन’ का नाम बुधवार को आधिकारिक रूप से बदलकर ‘लोकभवन’ कर दिया गया। गृह मंत्रालय द्वारा सभी राज्यों को जारी परिपत्र में ‘राजभवन’ शब्द को औपनिवेशिक विरासत का प्रतीक बताते हुए इसे ‘लोकभवन’ करने का आदेश दिया गया था। पंजाब में यह बदलाव सबसे पहले लागू हुआ है।राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया की मौजूदगी में चंडीगढ़ स्थित राजभवन के मुख्य द्वार पर नया नामपट ‘लोकभवन, पंजाब’ लगाया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भगवंत मान नहीं पहुंचे, जिसे राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय माना जा रहा है।केंद्र का तर्क है कि ‘राजा’ शब्द ब्रिटिश काल की राजशाही को दर्शाता है, जबकि ‘लोकभवन’ लोकतंत्र की भावना के अनुरूप है। पंजाब सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी हो गई है और जल्द ही सभी आधिकारिक दस्तावेजों में ‘लोकभवन’ शब्द का प्रयोग होगा।विपक्षी दल कांग्रेस और अकाली दल ने इसे केंद्र की ‘नाम बदलो, काम मत करो’ नीति करार दिया है। कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा, ‘लोगों को महंगाई, बेरोजगारी से राहत चाहिए, न कि इमारतों के नाम बदलने से।’फिलहाल पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है जिसने केंद्र के इस आदेश को तुरंत लागू किया। अन्य राज्यों में भी जल्द यह बदलाव देखने को मिल सकता है।