केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्यमंत्री तोखन साहू ने किया इंडिया हैबिटेट सेंटर में अंतरराष्ट्रीय रीसाइक्लिंग इन्क्यूबेशन शिखर सम्मेलन का उदघाटन

Loktantranews: केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्यमंत्री तोखन साहू ने इंडिया हैबिटेट सेंटर में अंतरराष्ट्रीय रीसाइक्लिंग इन्क्यूबेशन शिखर सम्मेलन का उदघाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आप सबकी उपस्थिति इस विश्वास को दर्शाती है कि भारत की सतत विकास की यात्रा सहयोगात्मक, विज्ञान आधारित और इच्छा निरपेण होनी चाहिए। साथियों, जब हम स्वच्छ भारत अभियान की यात्रा पर दृष्टि डालें, तो यह स्पष्ट होता है कि यह कभी भी केवल एक सरकारी पहल नहीं रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप यह एक जनआंदोलन रहा है। 2014 में स्वच्छ भारत अनेकों चौकों से लूट रहा था, घर-घर कचरा संग्रहण नगण्य था, वैज्ञानिक प्रसंस्करण मात्र 16 प्रतिशत के आसपास ही था और डंप साइड हमारे लोगों की पहचान बन चुके थे। लेकिन आज देखें तो परिदृश्य पूरी तरह से बदल चुका है, स्वच्छ भारत के लगभग 75 प्रतिशत वार्डों में घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था सुनिश्चित हो चुकी है, कचरा प्रसंस्करण 80 प्रतिशत से लगभग 16 प्रतिशत हो गया है, 2400 से अधिक डंप ट्रक से, 2500 लाख टन से अधिक पुराना कचरा कक्षा हुआ था, उनमें से 62 प्रतिशत का उत्सर्जन किया जा चुका है, जिनमें से 700 से अधिक बकुली गाड़ी बनी हमें प्राप्त हुई है। यह केवल आपने नहीं हैं कि कचरा का प्रसंस्करण हमारी प्रतिबद्धता, स्वच्छ महोल्ला और शहरों और शहरी क्षेत्रों की जनभागीदारी की स्थापना का एक प्रभाव है।उन्होंने आगे कहा कि वनफाइव प्लस के तहत सभी क्रो प्रबंधन करता है। जिससे वर्तमान में केवल तीस प्रतिशत ही जैविक कूड़े प्रबंधन हो रहा है। इसलिए स्वच्छ भारत मिशन शहरी के रूप में स्वच्छता में किसी भी नहीं है, केंद्रीय निकायों को स्वच्छता योगदान बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। यह कार्यक्रम प्रबंधन से आगे बढ़कर उपभोक्ता वस्तुओं की पुनर्प्राप्ति के लिए विश्वास से बदलता है। स्वच्छ भारत मिशन अर्बन टू बैच जीरो केंद्रित 4000 से अधिक शहरी स्थानी निकायों को 2026 तक 100 प्रतिशत कचरा प्रबंधन और जीरो संख्याओं की ओर अग्रसर किया जा रहा है। इस मिशन के अंतर्गत प्रदेश शासन कम से कम मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी की स्थापना कर रहा है। वर्तमान में 2900 एमआरएफ संचालित हैं, जिसकी क्षमता 600 हजार टन प्रति दिन है, तथा अतिरिक्त 4800 केपीडी की सुविधा के 3000 की हैं। साहू ने कहा, आवासीय एवं व्यावसायिक कचरा प्रबंधन बड़े एमआरएफs की स्थापना हो रहा है और मिनिमल हैंडलिंग कम हो, कचरा बड़े, सुरक्षा सुनिश्चित हो यह काम कर रहा है। इसी प्रकार जिले के कचरे के प्रबंधन में भी उल्लेखनीय परिवर्तन हुआ है। 2800 से अधिक वेस्ट टू कंपोस्ट से वन प्वाइंट वन फोर लाख डीपीटी की क्षमता के साथ संचालित हैं तथा अधिकत 47,200 डीपीटी की सुविधा की गई है। बायो एग्जेशन और कंपेस पाद्रेश की रणनीति से उच्च स्तरीय समाधान अप्लाय जा रहे हैं। ये जो सत्राँस हैं, ये परिशिल्स संस्थानिक हैं जो कचरा प्रबंधन के साथ-साथ जैवजौदा का, ऊर्जा का भी उत्पादन कर रहे हैं। साथ ही इसके अतिरिक्त मंत्रालयें अपतिस प्रबंधन में अनुसंधान और नवाचार को सख्त रूप से बढ़ावा दे रहा है। इसमें स्टार्टअप की महत्वपूर्ण भूमिका है नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए वर्ष 2022 में स्वच्छता स्टार्टअप चैलेंज शुरू किया गया है। इसके लिए स्वच्छता और कचरा प्रबंधन में कीफाइंटी समाधान विकसित करना उद्योगों और स्टार्टअप को प्रोत्साहित करना है। ईकोकारी, वेंटकेयर और गवाड़ी वाले जैसे पहले अब इस प्रयास के प्रभाव को दर्शाते हैं। हाल ही में मंत्रालय ने अपने टेरिटरीज के लिए स्टार्टअप इकोसिस्टम गूगल टू की शुरुआत की है जिसके तहत पच्चिस स्टार्टअप को शामिल किया गया है। इसमें मेटालिसिक टेक्नोलॉजीशन, आईआईटी कासू के बुजुर्ग के माध्यम से समन्वितों से जोड़ा जाएगा एसकेएम टू बैंटीओ सैंटर का और इकोसिस्टम मॉडल के माध्यम से स्टार्टअप सभी स्थानीय निकायों के साथ मिलकर ग्रामीण समस्याओं का घाल निकालता और सुधार कर सकेंगे। इन सभी प्रयासों के केंद्र में एक व्यापक सोच सामिल है सर्कुलर इकोनॉमी गोपनना, राष्ट्रीय सर्कुलर इकोनॉमी रोड मैप और राष्ट्रीय संसाधन नीति सर्कुलर प्रबंधन का समग्र दस्तावेज इन्फ्रास्ट्रक्चर का बंद देती है सर्कुलर इकोनॉमी और सर्कुलर शहर हमारे जनसंख्या प्रबंधन की आर्थिक लचीलापन और निष्पात भारत 2047 परिकल्पना के केंद्रीय तत्त्व हैं। साथियों सभी स्थानीय निकायों और सर्विस प्रोवाइडर इसमें स्वच्छता को गती देने वाले हैं, सुबह के प्रधान प्रबंधन, कूड़ा लॉजिस्टिक रीसाइक्लिंग और दूसरे साधन के लिए वज़ारों के मूलभूत वाले क्षेत्र हैं, सही ढंग से नापने पर कूड़ा लॉजिस्टिक और बिनिंग पार्टी से लैंडफिल से लेकर कूड़ा लॉजिस्टिक से लघु उद्योगों को आपूर्ति जा सकती है, तथा कार्बन फुटप्रिंट को घटाया जा सकता है। वास्तव में यदि स्वच्छता प्ररियोजन का तीन प्रतिशत हिस्सा किया जाए, तो स्वच्छ भारत अभियान अकेले ही भारत के एससीसी लक्ष्यों में सबसे पारा रखता है। यह भारत की पंचमिक एवं साइवचन के लक्ष्य 2070 तक नेट ज़ीरो उत्सर्जन और गैर जीवाश्म उत्सर्जन से 50 प्रतिशत को धन्यवाद सेवा देता है। हालाँकि यह प्रबंधन केंद्र सरकार के तंत्र से संचालित नहीं है, इसके संचालन का प्रिंसिपल कर के अधिकारियों पर ही आधारित रहती है। आईबीएसीए जैसे निगरानी तंत्र सफाई कर्मचारी, कचरा चुनने वाले स्टार्टअप्स, उद्योगी और स्थानीय लोगों के प्रतिनिधि और सेहरीय योजना से जुड़ता है। लोग सब सुर्खियों से दूर रहकर सबसे आगे रहकर कार्य करते हैं। सफाई की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इसके प्रबंधन में सुरक्षा घनिमा और समावेशी गतिविधि वाले प्रतीकता को चलाती है। केंद्रों अमातिनाओं को सूत्रांशों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। दिल्ली में आईबीसीए, केंद्र सरकार, आनलाइन, बैंडिकेंट और रिजल्ट एंडेसिविक्यर नादायित की तंत्रश्लान नवाचार और जेवोम गतिविधियों के लिए छबता निर्माण के बाद से कचरे को स्वीकार कर रहे हैं। इंजीनियरिंग, प्रबंधन, व्यवहारिकि, केआई और डिजिटल तक इनको और इसी साइड में मैं श्री के स्वास्थ्य कर सकता है। मंत्री ने कहा , इसी मामले के साथ मैं सभी से यह अवाहन करता हूँ कि कर्बर के तालाब में समुचित प्रभाव और सपा परीक्षा बनवाने में सख्त तैयार करें। शारीरिक समय निकालने के लिए एक सुनर क्रिस्टल कोटा विकसित करें तथा राज्य क्रिस्टल पर तकनीकी कोक और प्रदर्शन करें ताकि नकली निकायों को सर्कुलर ईकानमी के कारण में आने वाले वर्षों का प्रभावी प्रदर्शन कर सकें। इसी संबंध में आईआईएस 2023 एक अत्यंत उत्तमता हुई और बहुत प्रमुख है। मुझे विश्वच के हिस्से में लेकर प्रसन्नता है कि केवल संवाद नहीं बल्कि बहुत प्रणामों सामाजिक आदियों और साधनों में बनेगी सस्मरन निस्पक्ष लचपन, लोकल और लॉजिस्टिक, ग्रीन एप्लायमेंट और यूथ एंड इनोवेशन पर इस्टिकन संर्विकण का फोकस और उन तरीकों का जंत्रानिक विकास करता हूँ जैसे स्वच्छ भारत मिशन 2023, जलवायु, स्पॉट श्रिक्षा, ईसाई लाइफ स्टाइल कोदा में खाता है। अमीच भारत 2027 के सतन, हरीत रोजगार की प्राइमिनिस्टर सीजन, युवा पंची पंदाहन को वसठीकरण एक ग्लोबल लोग कार्बन डिकानल के लिए भारत की प्रस्थतिता को भी प्रदर्शित करता है। साथियों मुझे पूर्ण विश्वास है कि आगामी दो दिनों के बिचारक में नई साझेदारिया होगी और विकास का बहुत प्रसन्नता है। सस्मरन का आदर्शिकिकरण एक ग्लोबल लोग कार्बन डिकानल के लिए भारत की प्रस्थतिता को भी आदर्शित करता है। मैं सभी बधायियों को साधन करता हूँ और आसान जो प्रभावी करने के लिए बहुत कामनाएं और आपकी समाल करता हूँ। आइए हम सभी मिलकर देश स्वच्छ, सशक्त सशक्त भारत के निर्माण के लिए सत्कर्म कर आगे बढ़ें।.

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