आधा वेतन कमरे का किराया और परिवहन में हो जाता है खर्च

loktantranews:: आधा वेतन कमरे का किराया और कार्य स्थल तक आने-जाने में खर्च हो जाता है। बाकी बचे हुए में महीने भर का राशन, बच्चों की पढ़ाई, साग सब्जी समेत अन्य मदों में खर्च हो जाता है। इतने कम वेतन में बस किसी तरह से गुजारा हो जाता है। जो लोग परिवार के साथ रह रहे हैं, दो से तीन लोग काम कर रहे हैं, उनकी स्थिति कुछ हद तक ठीक है। महंगाई इस कदर बढ़ी है कि जिस परिवार में एक आदमी कमाने वाला है उसका गुजारा बड़ी मुश्किल से हो पाता है। माह के अंत में साथियों से उधार व मालिक से एडवांस लेना पड़ता है। ये बातें बुधवार को विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले नौकरीपेशा लोगों ने बातचीत के दौरान साझा की।

दरअसल, इन दिनों वेतन में बढ़ोतरी को जिले श्रमिक उपद्रव कर रहे हैं। नोएडा के फेज दो, सेक्टर-63, 65, 57, 58 और ग्रेटर नोएडा के विभिन्न औद्योगिक सेक्टरों में श्रमिक हरियाणा के तर्ज पर 35 प्रतिशत तक वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह उग्र आंदोलन में बदल गया। यहां के श्रमिकों के विरोध की गूंज पूरे देश में गूंजी। हालांकि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वेतमान को संशोधित करते हुए करीब 21 प्रतिशत का इजाफा कर दिया है, लेकिन मौजूदा महंगाई के कारण यह नाकाफी है। श्रमिक न्यूनतम वेतन 20 से 25 हजार रुपए तक की मांग कर रहे हैं। श्रमिक पूजा का कहना है कि

हर माह 14 हजार रुपए वेतन मिलता है। आधा पैसा कार्य स्थल पर आने-जाने में खत्म हो जाता है। बाकी से राशन व अन्य खर्च पूरा नहीं हो पाता है। माह के अंत में साथियों से उधार लेना पड़ता है। श्रमिक दीपा ने बताया कि माता-पिता के साथ रहती हूं, इस वजह से गुजारा हो जाता है, नहीं तो 14500 रुपए की मासिक वेतन में गुजारा संभव नहीं है। कमरे का किराया तीन-चार साल में डेढ़ गुना बढ़ गया और वेतन का मीटर वहीं टिका है।श्रमिक सुबोध ने कहा कि भाई के साथ रह रहा हूं, इस वजह से कमरा किराया, राशन समेत अन्य खर्च बंट जाता है। महंगाई इतनी बढ़ गई है कि एकल कमाने वाले परिवार का मौजूदा वेतन में संभव नहीं हैं। कम से कम 25 हजार न्यूनतम वेतन होनी चाहिए। श्रमिक राजीव का कहना है कि तीन साल से साइट पांच स्थित इकाई में काम कर रहा है। 25 हजार वेतन है। भाई के साथ फैमिली के साथ रह रहा हूं। इस वजह से गुजारा हो जा रहा है। अकेले परिवार के साथ यहां गुजारा करना मुश्किल हैं। महंगाई के मुताबिक वेतन नहीं बढ़ा है।

मासिक वेतन-मासिक खर्चा

14 से 25 हजार रुपए –

खर्चा –

राशन – 3000-3500 रुपए

कमरा किराया- न्यूनतम 7000-8000 रुपए

मोबाइल फोन रिचार्ज- 400 रुपए

फैक्टरी तक आने-जाने का किराया- 1500-2000 रुपए

बच्चों के पढ़ाई के खर्च – न्यूनतम 5000 से 8000 के आसपास

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