Loktantranews: : शुक्रवार को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन के बाद गौतमबुद्ध नगर जिले की तीनों विधानसभा क्षेत्रों में दादरी विधानसभा सबसे बड़ी विधानसभा के रूप में उभरकर सियासी समीकरण को बदल दिया है। यहां कुल मतदाताओं की संख्या 6,05,204 है। नोएडा में 5,87,195 और जेवर में मात्र 3,12,683 मतदाता रह गए। इस तरह से सियासी मैदान में दादरी विधानसभा ने नोएडा व जेवर को पीछे छोड़ते हुए जिले की सबसे बड़ी विधानसभा बन गई। इस तरह से नोएडा के मुकाबले दादरी विधानसभा में 18,009 मतदाता अधिक हो गए हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) से पहले नोएडा विधानसभा सबसे बड़ी थी। उस समय यहां कुल 7,71,082 मतदाता थे।
दरअसल, एसआइआर प्रक्रिया में दादरी विधानसभा क्षेत्र के 1,21,624 मतदाताओं के नाम कटे हैं, इसके बावजूद दादरी विधानसभा जिले की तीनों विधानसभा में अब सबसे बड़ी विधानसभा के रूप में खुद को स्थापित किया है। ड्राफ्ट रोल के बाद दादरी में रिकार्ड 42,533 नए मतदाता जोड़े गए, जिससे उसकी स्थिति और मजबूत हुई। दादरी में पुरुष मतदाता 328244 लाख, महिला 276926 लाख और थर्ड जेंडर 34 हैं। नोएडा विधानसभा में एसआइआर से पूर्व 430733 पुरूष व 340337 महिला व आठ थर्ड जेंडर के साथ कुल मतदाता संख्या 771082 लाख थी, जो अब 324477 पुरूष, 262708 महिला व 10 थर्ड जेंडर के साथ 587195 लाख रह गई। जिला निर्वाचन अधिकारी मेधा रूपम का कहना है कि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन के बाद भी फार्म-6 के तहत नए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। इससे मतदाता संख्या और बढ़ सकती है। पुनरीक्षण का उद्देश्य सूची को सटीक और पारदर्शी बनाना था।
निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ने एसआइआर से जुड़े लोगों काे दी बधाई :
निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी व एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता ने का कहना है कि जिला निर्वाचन अधिकारी मेधा रूपम के सतत निगरानी व लगातार बेहतर करने के लिए उत्साहित किया है। उनके कुशल निर्देशन में दादरी विधानसभा क्षेत्र में एसआइआर से जुड़े सभी अधिकारी, सुपरवाइजर और बीएलओ समेत तमाम लोगों को विधानसभा को जिले में पहले स्थान पर लाने का काम किया है। एसआइआर से जुड़े लोगों ने विपरीत परिस्थिति में भी अपना काम बेहतर तरीके से पूरा किया है। जिसके परिणामस्वरूप दादरी जिले की सबसे बड़ी विधानसभा बनकर उभरी है। इसके लिए एसआइआर के काम से जुड़े सभी बधाई के पात्र हैं।
जेंडर रेश्यों भी बढ़ा :
दादरी विधानसभा क्षेत्र में एसआइआर के बाद जेंडर रेश्यो भी बढ़कर 844 हो गया है। यह सतत प्रयासों और जागरूकता अभियानों का असर है। व्यापक जनसंपर्क व लगातार जागरूकता के कारण यह संभव हुआ है। उत्कृष्ट प्रयासों से विधानसभा के ईपी रेश्यों में भी सुधार हुआ और ईपी रेश्यो 65 हो गया है, जो मानक के अनुरूप है।
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