ग्रेटर नोएडा की हवा फिर ताजा

मौसम के करवट बदलते ही ग्रेटर नोएडा की हवा फिर सेहतमंद और ताजी हो गई। केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड के बुलेटिन के मुताबिक बारिश के बाद मंगलवार को ग्रेटर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) 52 दर्ज किया गया, जो गहरे हरे जोन से महज दो अंक ऊपर और हल्के ग्रीन जोन में है। इस तरह से देखें तो यहां ही हवा चार अक्टूबर के मुकाबले काफी सेहतमंद हुई हैं। चार अक्टूबर को एक्यूआइ आरेंज जोन में 227 तक पहुंच गया था। हालांकि मौसम के यू टर्न के बाद यह लगातार येलो जोन में रहा और अब और नीचे गिर कर हल्के ग्रीन जोन में आ गया। यह सेहत के लिए अच्छी बात हैं।दरअसल, पिछले करीब एक सप्ताह से आसमान में बादल और वर्षा के कारण मौसम साफ हो गया। लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली और हवा के सेहत में सुधार दर्ज हुआ। सोमवार को दिन मंगलवार तड़के सुबह हुई बारिश ने प्रदूषण के स्तर को कम करने में अहम भूमिका निभाई। मंगलवार सुबह एक्यूआइ 74 दर्ज किया गया, जो शाम चार बजे तक 52 तक आ गया। मौसम की मेहरबानी से फिलहाल प्रदूषण की चिंता दूर हो गई है, लेकिन वायु गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन व क्षेत्रीय प्रदूषण विभाग ने निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण और वाहन उत्सर्जन की निगरानी जैसे कदम उठाने शुरू किए हैं। संभावना यह भी जताई जा रही है कि मध्य अक्टूबर के बाद तापमान गिरने और पराली जलने की शुरुआत के साथ एक्यूआइ फिर से खराब हो सकता है। डेल्टा दो सेक्टर निवासी आलोक नागर का कहना है कि प्रदूषण बढ़ने से सांस रोगियों के लिए मुश्किलें बढ़ने लगी थी, बारिश ने उन्हें थोड़ी राहत दी है। क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी विकास मिश्रा का कहना है कि मौसम के कारण इस बार प्रदूषण का स्तर नियंत्रण में हैं। ग्रेनो प्राधिकरण व जिला प्रशासन के सहयोग से प्रदूषण नियंत्रण के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।