Loktantranews:: आयकर विभाग ने आयकर रिटर्न में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। जांच में पता चला है कि करीब 900 करोड़ रुपये से अधिक के रिफंड दावे फर्जी हैं। विभाग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से संदिग्ध रिटर्न की छानबीन कर रहा है। अब तक दो लाख से अधिक रिटर्न संदिग्ध पाए गए हैं, और यह आंकड़ा बढ़ सकता है, क्योंकि जांच प्रक्रिया अभी जारी है।आयकर विभाग ने पाया कि करदाताओं ने कर बचाने और रिफंड हासिल करने के लिए स्कूल फीस, राजनीतिक दलों व गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) को दान से संबंधित फर्जी रसीदें जमा कीं। एआई तकनीक के जरिए दान की राशि की सत्यता जांच की जा रही है। यह प्रणाली दान देने वाले और प्राप्त करने वाली संस्था के पैन कार्ड नंबर के आधार पर लेनदेन की पुष्टि करती है। इस प्रक्रिया में कई स्तरों पर गड़बड़ियां सामने आईं, जैसे फर्जी दस्तावेज और गलत दावे।जांच में देरी के कारण 20 हजार रुपये से अधिक के रिफंड मामलों में रिफंड प्रक्रिया धीमी हो रही है। विभाग ने ऐसे मामलों में नोटिस जारी किए हैं। छोटे-मोटे मामलों में करदाताओं को रिटर्न संशोधित करने का मौका दिया जा रहा है, लेकिन जानबूझकर फर्जी दावे करने वालों पर नोटिस के बाद जुर्माना लगाने की तैयारी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एआई आधारित जांच ने फर्जीवाड़े का पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विभाग का कहना है कि इस तरह की सख्ती से कर चोरी पर अंकुश लगेगा और कर प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी। जांच पूरी होने तक रिफंड में देरी हो सकती है, लेकिन यह कदम ईमानदार करदाताओं के हित में है।